दुख का मूल बेहोशी में…

तुम दुखी हो,क्योंकि तुम्हारा मन दुखी है। तुम्हारा मन दुखी है,क्योंकि तुम्हारे मन में अनचाहे विचार चल रहे हैं। तुम्हारे…

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विज्ञान भैरव तंत्र ( स्वप्न स्वातंत्र्य धारणा) -३२

पीनां च दुर्बलां शक्तिं ध्यात्वा द्वादशगोचरे।प्रविश्य हृदये ध्यायन् सुप्तः स्वातंत्र्यमाप्नुयात् ॥५५॥ पीनां च दुर्बलां शक्तिं ध्यात्वा द्वादश गोचरे। आपको पहले…

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