आईने के सामने एक छोटा सा प्रयोग करें
किसी दिन आईने के सामने खड़े होकर एक छोटा सा प्रयोग करें। जब आप आईने में अपनी ही आंखों को देख रहे होते हैं, तो यह बहिर्मुखता (extroversion) होती है – यानी आप अपनी ही छवि (reflection) को देख रहे होते हैं। लेकिन अब स्थिति को पलटकर देखें – ऐसा महसूस करें कि आईने में जो छवि है, वह आपको देख रही है। न कि आप उसे देख रहे हैं, बल्कि वह आपको देख रही है।
अगर आप इसे कुछ मिनटों तक करते हैं, तो आप देखेंगे कि एक अजीब सी शक्ति आपमें प्रवेश करने लगेगी। यह अनुभव नया और असामान्य लग सकता है, इसलिए हो सकता है कि आपको डर भी लगे। आप एक कंपन (trembling) महसूस कर सकते हैं या थोड़ा असहज (disoriented) महसूस कर सकते हैं, क्योंकि अभी तक आप केवल बाहरी दुनिया की ओर देखने के आदी थे। लेकिन धीरे-धीरे, जैसे-जैसे आप इस अभ्यास को जारी रखेंगे, आप महसूस करेंगे कि आपकी ऊर्जा का एक पूरा चक्र बन रहा है।
जब ऊर्जा का यह चक्र अधूरा रहता है, तो मन में बेचैनी बनी रहती है। लेकिन जब यह पूरा हो जाता है, तो एक गहरी शांति महसूस होती है। आप खुद को केंद्रित (centered) महसूस करते हैं, और यही शक्ति है।
इस प्रयोग को और कैसे किया जा सकता है?
• फूल को देखें – पहले गुलाब के फूल को देखें और फिर महसूस करें कि वह आपको देख रहा है। आप देखेंगे कि फूल से एक अनोखी ऊर्जा आपको मिल रही है।
• पेड़ों, सितारों और लोगों के साथ आज़माएं – जब आप किसी पेड़ को देखें, तो महसूस करें कि वह आपको देख रहा है। यह प्रयोग आपको प्रकृति से गहराई से जोड़ देगा।
• अपने प्रिय व्यक्ति के साथ करें – अपने जीवनसाथी या प्रेमी/प्रेमिका की आंखों में देखें। पहले उन्हें देखें और फिर ऐसा महसूस करें कि वे आपको देख रहे हैं और उनकी ऊर्जा वापस आप तक लौट रही है। इससे आप एक नई ऊर्जा से भर जाएंगे और ताजगी महसूस करेंगे।
यह एक बहुत सरल लेकिन शक्तिशाली तकनीक है, जो आपको तुरंत अधिक जीवंत (alive) और ऊर्जावान बना सकती है। इसे कुछ दिनों तक आज़माएं और देखें कि आपका जीवन कितना बदल सकता है।
-osho
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