होश की साधना और कुंडलिनी जागरण

(प्रश्न का ध्वनि—मुद्रण स्पष्ट नहीं!? कुंडलिनी शक्ति कहा है, कुंडलिनी इसलिए कि वह अपने में ही कुंडल मारे सोई हुई…

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जीवन का उद्देश्य क्या है???

विचारशील मनुष्य निरंतर ही पूछता है: जीवन का उद्देश्य क्या? जीएं क्यों? किसलिए? और ऐसा आज नहीं, सदा से ही विचारशील मनुष्य ने पूछा है।…

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दुख का मूल बेहोशी में…

तुम दुखी हो,क्योंकि तुम्हारा मन दुखी है। तुम्हारा मन दुखी है,क्योंकि तुम्हारे मन में अनचाहे विचार चल रहे हैं। तुम्हारे…

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