सोहम् साधना का गूढ़ रहस्य
जब श्वास ‘हम्’ ध्वनि के साथ अन्दर आता और लय हो जाता है ,तो एक क्षणांश होता है जो पूर्ण…
“ होश आध्यात्म की अंतिम कीमिया है, बाकी सब विस्तार की बातें हैं “
जब श्वास ‘हम्’ ध्वनि के साथ अन्दर आता और लय हो जाता है ,तो एक क्षणांश होता है जो पूर्ण…
जप का नियम है। अगर कोई भी जप शुरू करें—समझें कि राम—राम जप शुरू करते हैं, या ओम, कोई भी…
विकास के तीन चरण है-पहला: परिस्थिति मालिक है और तुम बस पीछे-पीछे घिसटते हो। तुम मानते हो कि तुम हो,…
न दिवा पूजयेद्देवं रात्रौ नैव च नैव च।अर्चयेद्देवदेवं स दिनरात्रिपरिक्षये॥ अनुवाद:“दिन में भगवान की पूजा मत करो। रात में भगवान…
कोई इच्छाओ को दबाये बिना उन्हे कैसे काट सकता है? इच्छाएं सपने हैं, वे वास्तविकताएं नहीं हैं। तुम उन्हें परिपूर्ण…
इस विषय में दो परस्पर विरोधी दृष्टिकोण हैं—सांख्य और योग। दोनों का लक्ष्य एक ही है: मन के पार जाना।…
इनिअग्राम (Enneagram) और आत्म-जागरूकता इनिअग्राम आत्म-जागरूकता विकसित करने का सबसे प्रभावशाली साधन है, लेकिन यह तभी सच में प्रभावी होता…
इन सूत्रों को समझने पर होश बढ़ता है और होश बढ़ने पर ये सूत्र समझ आते हैं -alertyogi