विज्ञान भैरव तंत्र ( स्वप्न स्वातंत्र्य धारणा) -३२
पीनां च दुर्बलां शक्तिं ध्यात्वा द्वादशगोचरे।प्रविश्य हृदये ध्यायन् सुप्तः स्वातंत्र्यमाप्नुयात् ॥५५॥ पीनां च दुर्बलां शक्तिं ध्यात्वा द्वादश गोचरे। आपको पहले…
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“ होश आध्यात्म की अंतिम कीमिया है, बाकी सब विस्तार की बातें हैं “
पीनां च दुर्बलां शक्तिं ध्यात्वा द्वादशगोचरे।प्रविश्य हृदये ध्यायन् सुप्तः स्वातंत्र्यमाप्नुयात् ॥५५॥ पीनां च दुर्बलां शक्तिं ध्यात्वा द्वादश गोचरे। आपको पहले…
जब श्वास ‘हम्’ ध्वनि के साथ अन्दर आता और लय हो जाता है ,तो एक क्षणांश होता है जो पूर्ण…
न दिवा पूजयेद्देवं रात्रौ नैव च नैव च।अर्चयेद्देवदेवं स दिनरात्रिपरिक्षये॥ अनुवाद:“दिन में भगवान की पूजा मत करो। रात में भगवान…
तुर्या की सात अवस्थाओं का व्यावहारिक सिद्धांत, जिसे आनंद की सात अवस्थाओं के रूप में भी जाना जाता है, जिसे…